Monday, November 12, 2012

शुभ देवारी - अरुण कुमार निगम


शुभम करोति कल्याणम आरोग्यगुणम संपदाम

1.
अँधियारी हारय सदा , राज करय उजियार
देवारी  मा तयँ दिया, मया-पिरित के बार ||

2.
नान नान नोनी मनन, तरि नरि नाना गायँ
सुआ-गीत मा नाच के, सबके मन हरसायँ ||


3.
जुगुर-बुगुर दियना जरिस,सुटुर-सुटुर दिन रेंग
जग्गू घर-मा फड़ जमिस, आज जुआ के नेंग ||


अरुण कुमार निगम


(देवारी=दीवाली,तयँ=तुम,पिरित=प्रीत,नान नान=छोटी छोटी,नोनी=लड़कियाँ, “तरि नरि नाना”- छत्तीसगढ़ी के पारम्परिक सुआ गीत की प्रमुख पंक्तियाँ, जुगुर-बुगुर=जगमग जगमग,दियना=दिया/दीपक,जरिस=जले,     सुटुर-सुटुर=जाने की एक अदा,दिन रेंग=चल दिए,फड़ जमिस=जुआ खेलने के लिए बैठक लगना,नेंग=रिवाज)

15 comments:

  1. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति,,,
    दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ,,,,
    RECENT POST: दीपों का यह पर्व,,,

    म्यूजिकल ग्रीटिंग देखने के लिए कलिक करें,

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  2. पंच-दिनी देवारी के, रहिसे आखिरी दिन।

    रहि जातिस खाली गोठ मितानी, पोस्ट-देवारी बिन।।

    बढ़िया जमे हे आपके देवारी रचना .......

    जय जोहार ....



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    1. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल पर आज की चर्चा मैं रह गया अकेला ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः003 में हम आपका सह्य दिल से स्वागत करते है। कृपया आप भी पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | सादर ....ललित चाहार

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  3. बहुत खूबसूरत .....

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    1. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल पर आज की चर्चा मैं रह गया अकेला ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः003 में हम आपका सह्य दिल से स्वागत करते है। कृपया आप भी पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | सादर ....ललित चाहार

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  4. ये जुआ कई घरों का अंधेरा बनता है दीपावली में।

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  5. गजब बात होगे भाई ददा

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  6. बेहतरीन आंचलिक गीत .लोक परम्परा भी द्युत क्रीड़ा जैसी बुराई को रूपायित करती रही है .आभार आपकी टिपण्णी का .

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  7. लोकमानस में पैठी द्यूत कीड़ा का काव्यात्मक चित्रण .शुक्रिया भाई साहब आपकी टिपण्णी का .

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  8. बहुत सुंदर प्रस्तुति.

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  9. पता नहीं समय से इतना सुन्दर लोक दोहे क्यों नहीं पढ़े ? मेरा भाग्य नहीं था |

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  10. स्वंत्रता-दिवस की कोटि कोटि वधाइयां !लोक-भाषा में दोहावली के लिये साधुवाद !!

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    1. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल पर आज की चर्चा मैं रह गया अकेला ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः003 में हम आपका सह्य दिल से स्वागत करते है। कृपया आप भी पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | सादर ....ललित चाहार

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  11. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..
    आपने लिखा....हमने पढ़ा....
    और आप भी पढ़ें; ... मैं रह गया अकेला ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः003 हम आपका सह्य दिल से स्वागत करते है। कृपया आप भी पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | सादर ....ललित चाहार

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